Monday, October 1, 2012

भारतीय छात्र संसद


भारत दुनिया में निश्चित रूप से सबसे बड़ा लोकतंत्र है जिसे एक परिवर्तन कि आवश्यकता है और यह परिवर्तन तभी आएगा जब हम विकास की राजनीति करें ना की वोट बैंक की,और इस बदलाव को हकीकत में बदलने के लिए हमें ऐसे युवाओं की ज़रूरत है जो राजनीति में आने को प्रतिबद्ध हैं ! अपराधीकरण कारक का राजनीति से खात्मा ज़रूरी है ! हमें युवाओं के बीच एक लगन लानी होगी ताकि वो आम जनता की ज़िन्दगी से जुड़ सकें और राजनीति को अपना पेशा बना सकें! हाँ ये सच है की हमारे युवा समाजिक दृष्टिकोण रखते हैं पर साथ ही साथ राजनीतज्ञों से ,राजनीतिक अफसरों से और राजनीति से नफरत भी करते हैं !साड़ी राजनितिक पार्टियां बुरी नहीं होती , हमें ज़रूरत है राजनीति की छवि युवाओं के बीच सुधारने कि और इसका सही अर्थ लोगों को समझाने कि! हमारे देश में फलता-फूलता लोकतंत्र के लिए ज़रूरी है एक साफ़-सुथरे राजनीति की अब ये साफ़- सुथरी,अपराधीकरण कारक से मुक्त राजनीति आये कहाँ से? 
इसी सवाल का ज़वाब है भारतीय छात्र संसद !इस महान उद्देश्य को पूरा करने के लिए भारतीय छात्र संसद का ज़न्म हुआ साल २०११ में एम्.आई.टी स्कूल ऑफ़ गवर्नमेंट ,भारत सरकार,महाराष्ट्र सरकार और संयुक्त राष्ट्र संघ की मिली जुली कोशिश के द्वारा! छात्र राजनीति हमारे देश के लिए कोई नै चीज़ नहीं है बीते सालों में भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान,ज़्यादातर नेता जो आगे आये वो स्वतंत्रता आन्दोलन की उपज थे लेकिन बाद में ज़्यादातर नेता जो प्रकाश में आये वो छात्र आन्दोलन की देन थे! यहाँ तक की जो पहली गैर-कांग्रेसी सरकार केंद्र में बनी वो भी १९७७ के नवनिर्माण आन्दोलन की देन थी ,आगे जा कर जनता पार्टी के रूप में उभर कर सामने आई, और जिसने भारत की पहली गैर-कांग्रेसी सरकार बनायीं! आज हमारे कई राज्यों के मुख्यमंत्री जैसे की नितीश कुमार,ममता बनर्जी ,शिवराज चौहान,नरेन्द्र मोदी भी छात्र आन्दोलन की देन हैं! भारतीय छात्र संसद का मक्सद युवाओं के भीतर इसी चिंगारी को आग में बदलने कि है! भारतीय छात्र संसद एक एकलौता मंच है जो कि युवाओं के लिए बनी है ,जो उन्हें देश के मुसीबतों से अवगत कराती है और जिससे वो अपनी राय देश के सामने रख सकते हैं और प्रख्यात लोगों से सवाल भी कर सकते हैं और इस तरह भारतीय छात्र संसद युवाओं को संसदीय लोकतंत्र के कार्य करने के तरीके से अवगत भी कराती है! भारतीय छात्र संसद एक कक्षा है जो कि राजनीतिक कोचिंग देता है देश के ८-१०००० विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों से आये छात्र नेताओं को एक साथ !साल २०११ और २०१२ में भारतीय छात्र संसद  का आयोजन  एम्.आई.टी स्कूल ऑफ़ गवर्नमेंट,पुणे में किया गया! भारतीय छात्र संसद एक रफ़्तार पकड़ता जा रहा है और देश के विभिन्न राज्यों में इसके आयोजन के बाद वो दिन दूर नहीं जब ये देश के सीमाओं के पार पहुँच जाएगा! हमारे कॉलेज से दो लोगों (सार्थक अगरवाल और मैं) ने भारतीय छात्र संसद,पुणे में ३ दिनों तक चले कुल ९ अधिवेशनो में भाग लिया जहाँ डॉ. ए.पी.जे अब्दुल कलाम ,श्री एल.के आडवाणी जैसे विख्यात लोगों ने भी अपने कदम रखे !९ अधिवेशन कुछ इस प्रकार थे 

सत्र १ - पोलिटिक्स ऑफ़ देवेलप्मेंट
वक्ता : श्री कपिल देव - पूर्व कप्तान ,भारतीय क्रिकेट टीम / पूजनीय श्री श्री रवि शंकर- संस्थापक ,आर्ट ऑफ़ लिविंग संस्था
सत्र २ - वेयर इज ईन्दिआस ओबामा ?
वक्ता : डॉ. शशि थरूर - पूर्व केंद्रीय विदेश मंत्री , फिक्शन राईटर , कोलुम्निस्ट,सांसद लोक सभा 
सत्र ३ - ब्रिजिंग डी अर्बन - रुरल गैप 
वक्ता : श्री जी. विट्टल राव (कवी ग़दर)- कवी और  सामाजिक कार्यकर्ता  और                                                डॉ.आर.ए. माशेलकर  - पूर्व  डी .जी  सी.एस.आई.आर.

सत्र ४ - सेविंग डी  प्लानेट : इज इट टू लेट ?
वक्ता: डॉ राजेंद्र  पचौरी - नोबेल पुरस्कार विजेता (पर्यावरण विद)

सत्र ५ - ज्वाइन  पोलिटिक्स - लीड  योर  इंडिया 
वक्ता :  श्री अनुराग सिंह ठाकुर - नेशनल  प्रेसिडेंट , बी.जे.वाई.एम् ; सांसद , लोक सभा     और श्री मधु गौड़ यास्खी  - सांसद  लोक  सभा
सत्र ६ - सी.एस.आर- बिज़नस बियोंड प्रोफिट 
वक्ता : श्रीमती  अनु आगा - सदस्य , नेशनल एद्विसरी कौंसिल  और श्रीमती .सुलज्जा   फिरोदिया (मोटवानी) - जोइंट  एम्.डी  काइनेटिक इंजीनियरिंग. लिमिटेड 

सत्र ७ - करप्शन  फ्री  इंडिया : ड्रीम और  रिअलिटी ?
वक्ता : श्री . अर्नब गोस्वामी- एडिटर इन चीफ,टाइम्स नाऊ

सत्र ८ - येस इंडिया कैन ....
वक्ता :  श्री श्री दलाई लामा  - लीडर,तिबेतियन बुद्धिस्म

सत्र ९ : सोसिअल नेट्वोर्किंग  फॉर  सोसिअल एक्शन 
वक्ता : श्री  शैलेश राव - एम्.डी. गूगल  इंडिया और  डॉ. विजय भाटकर -कंप्यूटर वैज्ञानिक
और भी कई विख्यात लोगों ने वहां अपनी बातें रखि, जिनसे हमें बहुत कुछ सिखने को मिला और सबसे ज़रूरी बात ,वहां हमनें कई प्रस्ताव पारित किये ,वोटिंग के द्वारा जिन्हें भारत सरकार,महाराष्ट्र सरकार,और संयुक्त राष्ट्र संघ को भेजा गया, जिन पर विचार किया जा रहा है ! इन सब के बाद समापन समारोह हुआ और इसी के साथ दूसरी भारतीय छात्र संसद का समापन !अब बारी थी संसद के स्टुडेंट कौंसिल के चुनाव कि जिसके तहत देश के सभी राज्यों में प्रेसिडेंट और स्पोक्स पर्सन  के लिए वोटिंग हुई, उम्मीदवारों को उनकी काबिलियत के आधार पर चयनित किया गया ( करीब १०००० छात्रों में कुछ ५० का चयन हुआ) जिन्हें मौका मिला चुनाव लड़ने का !अपने राज्य बिहार कि तरफ से मेरा चयन हुआ स्पोक्स पर्सन के पद के लिए, फिर ऑनलाइन वोटिंग हुई ,देश भर से वोट पड़े और हर एक राज्य से एक प्रेसिडेंट और एक स्पोक्स पर्सन ने चुनाव जीते जिसमे
प्रणव कुमार (village नर्हन्ना,P O कमला गोपालपुर ,पटना )सन ऑफ़ श्री अजित कुमार ने बिहार राज्य से स्पोक्स पर्सन के लिए चुनाव जीता जो मेरी ज़िन्दगी कि आज तक कि सबसे बड़ी उपलब्धि है! २९ जून को एम्.आई.टी. ,पुणे में अति विशिष्ठ लोगों के बीच हमारा शपथ ग्रहण समारोह  हुआ , और फिर कुछ जिम्मेदारियां सौंपी गयीं ....

अब अंत में मै ये कहूँगा कि कि हम नहीं कर सकते, बिना सही सरकार के! हमारे देश कि राजनीति में भ्रष्ट और गुंडों के लिए कोई जगह नहीं है! हमें जल्द से जल्द अपने देश कि सरकार चलाने के तरीके में बदलाव लाना होगा! मैं ये मानता हूँ कि एन.जी.ओ.और ऐसे कई संस्था हैं जो देश के विकास में मदद कर रहे हैं ,पर अगर कोई तरीका है कि सब कुछ ऊपर से सुधर सके तो वो रास्ता राजनीति के गलियारों से हो कर जाता है! मैं आप सब से निवेदन करता हूँ कि छेत्रवाद,रंग भेद, जात-पात सब भूल कर अपनी भारत को एक माँ के रूप में देखें और एक आर्किटेक्ट बनें एक बड़े बदलाव का और आगे आयें अपने देश कि बाग़ डोर सँभालने केलिए.......

जय हिंद जय भारत 

प्रणव कुमार
प्रदेश प्रवक्ता (बिहार) 
भारतीय छात्र संसद 

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