ट्रेन पकड़ने के लिए हो घोड़ों की व्यवस्था !
जिस तरह रेलवे हम सब की ज़िन्दगी का अहम हिस्सा है उसी तरह रेलवे की सफर से जुडी समस्याएं भी। ऐसे में सरकार जब रेलवे के आधुनिकरण की बात करती है तो मेरी रूह काँप जाती है। इसलिए मेरी सलाह है की बजाय इन समस्याओं को जड़ से खत्म करने के, रेल मंत्रालय लोगों को इनसे निपटने की सुविधाएं दे। जैसे -
ट्रेन में "ब्रांडेड" खाना देने के बजाय रेलवे खाने की थाली के साथ कागज़ पर उसकी रेसिपी और भोजनकी जन्मतिथि (जब वो बनाया गया था) लिख कर दे ताकि बाद में इलाज के दौरान लोगों को डॉक्टर को ये बताने में आसानी हो की वो क्या खा कर बीमार पर थे। साथ ही थाली से अतिरिक्त 50 रुपये ले कर यात्रियों को ऐसे खाने से हो रही मौतों के लिए 10 लाख का जीवन बीमा किया जाए।
रेलवे पटरियों के नजदीक हल्का होने केलिए वेस्टर्न टॉयलेट्स की व्यवस्था की जाए, इससे देश की छवि भी सुधरेगी और साथ ही ऐसे लोगों को भी आसानी होगी जिन्हे घुटनों की दर्द की वजह से बैठने में तकलीफ होती है।
किसी भी जगह की पहचान उसके एम्बिएंस यानी वातावरण से होती है। भारतीय रेलवे के मामले में ये पहचान उसके डिब्बे की बदबू है। इसलिए बजाय इस पहचान से छेड़छाड़ करने के, रेलवे व्यवस्था करे की जिनकी बर्थ टॉयलेट के नज़दीक है,"सफर" शुरू होते ही एनेस्थीसिया दे कर उनकी नाक को सुन्न कर दिया जाए ताकि 15 - 20 घंटे के लिए उनकी सूंघने की क्षमता चली जाए।
आखिरी समय में दौड़ कर ट्रैन पकड़ने वालों केलिए घोड़ों और शेयरिंग ऑटो की व्यवस्था की जाए। बार्गेनिंग के चक्कर में ट्रैन न छूट जाए इसलिए ऐसे ऑटो का मीटर से चलना अनिवार्य कर दिया जाए।
हर प्लेटफार्म पर मोटे मोटे गद्दे लगाए जाएँ ताकि ट्रेन की छत पर सफर कर रही सवारियां स्टेशन आते ही छत से सीधा इन गद्दों पर कूद रजनीकांत स्टाइल में घर जा पाएं और जिन्हे उचाई से कूदने में डर लगता है उनके लिए पैराशूट की व्यवस्था की जाए।
जैसा की आप सब जानते हैं की भारतीय रेल वक्त की कितनी "पाबन्द" है तो अगर ट्रेन समय से 6 घंटे लेट देर रात को पहुचती है तो वैसे यात्रियों के सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए निशुल्क पिक एंड ड्राप फैसिलिटी की व्यवस्था की जाए, अगर किसी का ट्रेन लेट की वजह से इंटरव्यू छूट जाए तो उसकी रेलवे में नौकरी, और अगर कोई किसी शादी या श्राद्ध के कार्यक्रम में न पहुंच पाये तो शादी तो दोबारा नहीं हो सकती लेकिन भारतीय रेल को 1000 रुपये प्लेट वाले खाने की व्यवस्था करनी चाहिए।