मैं (लेखक/पत्रकार) बिका हुआ हूँ !
कोई लेखक अपनी लेखनी में अगर लगातार निष्पक्ष लग रहा है तो आप उससे सीधे पूछ सकते हैं-क्यों भाई, लाइन बदलने की सोच रहे हो क्या? और वो भी सीधे जवाब दे देगा-हां यार, सोच रहा हूं प्रॉपर्टी डीलिंग का काम कर लूं या किसी प्राइमरी स्कूल के बाहर गैस वाले गुब्बारे बेचने लगूं। ऐसा इसलिए क्योंकि निष्पक्षता आज की तारीख में चुनाव नहीं, आपके इंतज़ार और निक्कमेपन को बताता है। मतलब अपनी लेखनी से आप आज तक किसी को "कंवींस" नहीं कर पाएं कि ज़रूरत पड़ने पर आप उनका पक्ष या उनके विपक्षी की ठीक से बखियां उधेड़ सकते हैं। इस रूप में आजकल मैं भी खुद को निकम्मा मानने लगा हूं। बड़ी ईर्ष्या होती है ये सुनकर फलां पत्रकार उस पार्टी के हाथों "बिका" हुआ है। खुद को न बेच पाना पत्रकार को आत्मसंशय में डाल देता है। वो सोचने लगता है कि मेरे प्रयासों में क्या कमी रह गई। क्या मैं उतना "काबिल" हूं भी या नहीं? उसे शक होता है कि कहीं विरोधियों ने बाज़ार में उसके "ईमानदार" होने की अफवाह तो नहीं फैला दी। ऐसा है, तो मैं साफ कर दूं कि सुन-सुनाई बातों में न आएं। मेरे लेखकीय निष्पक्षता को मेरे "सिद्धांत" के रूप में नहीं, हर जगह संभावनाएं तलाशने की मेरी "कोशिश" के रूप में देखा जाए। इस निष्पक्षता से न तो मेरा घर चल पा रहा है और न ही "फैन फॉलोइंग" बढ़ पा रही है। बीजेपी के खिलाफ लिखता हूं तो ‘सिकुलर’ कहलाता हूं, आप को टोकता हूं तो‘भक्त’ और कांग्रेस के खिलाफ कुछ भी लिखते ही बेरोज़गार मान लिया जाता हूं! लिहाज़ा सभी पार्टियों से गुज़ारिश है कि कोई भी दो-चार करोड़ रुपये मेरी तरफ बढ़ाकर मुझे निष्पक्षता की इस दलदल से निकाले। मैं भी करियर में अब सेटल होना चाहता हूं। पद को लेकर मेरी कोई बड़ी लालसा नहीं हैं। चाहें तो मैं पार्टी ज्वॉइनकर सीधे वहां भी काम कर सकता हूं या "पत्रकार रहते हुए भी कर्मठ कार्यकर्ता" की भूमिका निभा सकता हूं। इच्छुक पार्टियां ऑफर लैटर देने से दो घंटे पहले मुझे इसके बारे में सूचित करें ताकि आपके खिलाफ लिखे तमाम ट्वीटस में डिलीट कर सकूं। वरना दुश्मन ख्वामखां यहां-वहां उसके स्क्रीनशॉट दिखाकर हमारे मज़े लेते रहेंगे।
Wah bhaiya kya baat kahi hai.
ReplyDeleteThank you so much Aman! Your appreciating words are an asset for me.
ReplyDeletesahi kaha janab....
ReplyDeleteThank you so much Abhsihesk. Glad to see that even you went through my blog bro. =D
DeleteGd one bhai...keep it up..
ReplyDeleteThank you brother! :)
Deletekya baat kya baat kya baat
ReplyDeletescreen shots maine le liye hain
Thanks Akela! - a regular reader of my blog.
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